Wednesday, 25 September 2013

कुछ किस्से
आसमा में
तारों के जैसे
झिलमिलाते रहते है
हाँ ...
कभी कभी जो
वक़्त के
बादलों से छिप
जाया करते है
पर याद की आंधी
उन्हें फिर से
रौशन कर देती है
जहाँ ....
ये किस्से
तुम से चाँद जैसे
और मेरे जैसी चाँदनी
की तरह .....
हम दोनों से मिल
जगमगाते रहते है……

2 comments:

  1. तुम से चाँद
    मेरे जैसी चांदनी...

    बहुत अच्छा लिखा प्रियु

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    1. शुक्रिया मानव ....

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